हेलो स्टूडेंट! आज हम इस बात पर चर्चा करेंगे पढ़ाई में ध्यान कैसे लगाया जाए। कई बार ऐसा लगता है की कितनी भी मेहनत कर ले ध्यान लगता ही नहीं है। मोबाईल, सोशल मीडिया और यूट्यूब ये सब हमारे फोकस करने की क्षमता को तोड़ देते है। जब पढ़ने का मन नहीं करता है तो ऐसा लगता है की बस समय खराब हो रहा हो और इग्ज़ैम के दिन पास आते ही टेंशन होने लगती है। पर टेंशन लेने की कोई बात नहीं है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको कुछ आसान तरीके बताएंगे जिनकी मदद से आप अपनी पढ़ाई में आसानी से ध्यान लागा सकते है। चाहे आप स्कूल के स्टूडेंट हो, कॉलेज के या कम्पेटिटिव इग्ज़ैम की तैयारी करने वाले स्टूडेंट ये तरीके सबके लिए काम करेंगे।
“कम टाइम, हाई स्कोर! पढ़ाई में ध्यान लगाने के स्मार्ट ट्रिक्स”
लक्ष्य तय करे

जब भी हम पढ़ाई करते है तो अक्सर ध्यान भटक जाता है और फोकस बनाए रखना भी मुश्किल होता है। दिमाग में कई तरह की इधर-उधर की बाते चलती रहती है। इसलिए पढ़ाई में ध्यान लगाने के लिए सबसे पहले अपना लक्ष्य तय करना बहुत जरूरी होता है। जब इसान यह सोच लेता है की उसे क्या हासिल करना है, तो उसका मन उसी दिशा में काम करने लगता है। लक्ष्य तय करने का सबसे बड़ा फायदा ये भी होता है की आपको हर दिन उठकर पता होता है की आज आप को क्या करना है। कितनी देर तक पढ़ना है और काम कितने समय में पूरा करना है। एक छोटा सा लक्ष्य भी मोटवैशन देता है और आप के दिमाग को सही दिशा में लेकर जाता है।
टाइम टेबल बना कर चले

स्टूडेंट, के लिए टाइम टेबल होना बहुत जरूरी है जब आप अपने दिन का एक सीधा सा प्लान बना लेते हो, तो पढ़ाई बहुत आसान हो जाती है। और समय भी बर्बाद नहीं होता है और मन भी इधर-उधर भटकता भी नहीं है। टाइम टेबल बनाने से आप का दिमाग भी उसी तरह से रहता है। सुबह उठकर आपको पहले ये तय करना होता है की आज आपको कौन कौन से विषय करने है और कितने समय में पूरा करना है। टाइम टेबल को अपनाने से आप की पढ़ाई आदत बन जाती है और खुद ही पढ़ाई में ध्यान लगने लगता है। आप चाहे फिर स्कूल के स्टूडेंट हो या फिर कॉलेज के टाइम टेबल आपके जीवन में बहुत बड़ा रोल निभाता है।
मोबाईल दूर रखे

दोस्तों, सच बताऊँ तो आजकल पढ़ाई में फोकस न बनने की सबसे बड़ी वजह फोन ही है। जैसे ही पढ़ाई शुरू करते है तो फोन की लाइट जल जाती है या फिर अचानक से कोई नोटफकैशन आ जाती से जिसे की हमारा मन फोन की तरफ ही चला जाता है हम फोन को बस 2 मिनट के लिए देखते है और पता ही नहीं चलता है की कब में से आधा घंटा पूरा हो गया है। अगर आप को सच में पढ़ाई में मन लगना है तो एक छोटा सा नियम बना लो पढ़ाई के समय मोबाईल को अपने से दूर रखो। शुरुआत में करना ये सब आप को मुश्किल लेगाग पर थोड़े दिन बाद आपको आदत पड़ जाएगी और फ़र्क महसूस होगा। लेकिन जब फोन दूर होता है तो दिमाग भी शांत रहता है और पढ़ाई भी सीधे ट्रैक पर चलती रहती है इससे फोकस भी बनाता है और काम भी जल्दी होता है। इसलिए जब भी पढ़ने बैठो फोन को अपने से दूर रखने की आदत बना लो।
शांत जगह पर पढे

आप सब ने कभी ध्यान दिया है जब आस-पास शोर होता है तो दिमाग भटकने लगता है। शोर-शराबे वाली जगह पर पढ़ना मुश्किल होता है। और पढ़ाई का मूड भी बिगड़ जाता है। इसलिए शांत जगह फर बैठ कर पढ़ना चाहिए। शांत जगह पर पढ़ने का एक बाद फायदा ये होता है की दिमाग बिल्कुल रीलैक्स होता है जिसे से आपकी फोकस और याद रखने की पॉवर दोनों बढ़ जाती है। आप चाहे रूम का एक कॉर्नर, स्टडी टेबल, बैल्कनी या लाइब्रेरी कोई भी जगह जहाँ पर शांति हो और पढ़ने को मूड अच्छा बना रहे ऐसे में तो पढ़ने का मज़ा भी आता और काम भी ज्यादा होता है। इसलिए जब भी पढ़ने बैठो तो ऐसी जगह चुनो जहाँ कम से कम आवाज हो ताकि ध्यान बिल्कुल एक जगह बना रहे और पढ़ाई पूरी अछि तरह से हो सके।
20 – 25 मिनट का ब्रेक ले

जब भी हम लगतार पढ़ाई करते है तो कुछ देर बाद दिमाग थकने लगता है कही बार तो ऐसा लगता है की हम पढ़ तो रहे है पर याद कुछ नहीं हो रहा है ऐसे समय पर 25 मिनट पढ़ाई करे और 5 मिनट का ब्रेक ले। ऐसा करने का सबसे बड़ा फायदा ये है की 25 मिनट तक आपका मन पढिए में अच्छे तरीक़े से लगा रहता है और दिमाग भी तेज़ी से काम करता है। ब्रेक के टाइम फोन मत देखो- बस थोड़ा से वाक कर लो, पानी पी लो या बस आँखें बैंड करके रीलैक्स कर लो इस तरह पढ़ाई करना एकदम आसान हो जाता है।
माइंड मैप नोट्स

आप सब को पढ़ाई करते समय मॅप माइंड नोट्स बनाने चाहिए। क्यूंकि बहुत सारे बच्चे पढ़ाई करते समय लाइन दर लाइन लिखते रहते है इससे दिमाग पर जोर पड़ता है और चीजे याद करना भी मुश्किल हो जाता है। माइंड मॅप बनाना शुरू में थोड़ा मुश्किल लगेगा पर कुछ ही दिनों में आप को इसकी आदत पड़ जाएगी। माइंड मॅप में आप कोई भी टॉपिक लेकर छोटे छोटे हिस्से बनाते है। जैसे की नोट्स बनाने का तरीका होता है पहले तो मैन पॉइंट फिर उसके छोटे पॉइंट और फिर इग्ज़ैम्पल इसे दिमाग पर जोर भी नहीं पड़ता है और आराम से याद भी रहता है। माइन्ड मॅप बनाने के बाद आप को कोई भी कन्फ़्युशन नहीं होगा सब कुछ आसानी से समझ आ जाएगा। ऐसे करने से पढ़ाई में ध्यान भी ज्यादा लगता है।
हफ़्ते में 2 – 4 बार रिवीजन टाइम

रोज रीविशन एक ऐसा सफर है जिसमे हम सिर्फ पढ़ाई नहीं करते बल्कि अपने दिमाग को फ्रेश रखते है। जब भी हम अपने नोट्स को एक बार फिर से देखते है तो लगता है की हमारी तैयारी और भी स्ट्रॉंग होती जा रही है। हम को अपनी आगे की पढ़ाई शुरू करने से पहले, जो पहले पढ़ा हुआ होता है उसको रीकैप करना बहुत जरूरी है क्युकी कई बार हम सोचते है की ये तो पहले पढ़ा हुआ है इसलिए याद होगा पर जब रीविशन करते है तो तब पता चलता है की हम कुछ पॉइंट भूल गए है। ऐसे में सिर्फ पढ़ो मत खुद से क्वेशन करो और ऐन्सर याद करो जो पहले पढ़ा था उसे टेस्ट करने का बेस्ट तरीका है। इसलिए पढ़ाई शुरू करने से पहले 10-15 मिनट रीविशन करो इससे पढ़ाई में फोकस भी बन जाता है और कन्फ़्युशन भी नहीं रहता है।
हेल्थी खाना और प्रॉपर नींद

पढ़ाई तभी अछि होती है जब हमारा दिमाग फ्रेश होता है। अगर खाना सही नहीं होगा या नींद अधूरी होगी तो हमारी कान्सन्ट्रैशन गिर जाती है और पढ़ाई भी नहीं हो पाती है। हर छोटी सी बात याद रखना मुश्किल हो जाता है। मैं खुद भी अक्सर देख चुकी हूँ, जब में रात को कम सो जाती हूँ तो अगले दिन क्लास लेना या पढ़ाई करना मुश्किल हो जाता है। इसलिए पढ़ाई करने से पहले हम को हल्का खाना कहा लेना चाहिए और 7-8 घंटे की नींद पूरी होनी चाहिए। इसे हमारा मन भी शांत रहता है और पढ़ने में भी मज़ा आता ही।
रोज़ाना सुबह जल्दी उठकर पढ़े

सुबह के समय एकदम साफ दिमाग वाला होता है तब पढ़ाई सबसे जल्दी समझ आती है। उस टाइम शांति होती है, ना फोन बजता है ना कोई डिस्टरउब करता है। और ऐसे में फोकस अपने आप बन जाता है। जब सूरज की रोशनी नई-नई आती है तो फ़ील होता है की आज कुछ नया करना है। सुबह पढ़ने से ज्यादा याद रहता है जो रात के समय पर मुश्किल लगता है सुबह एक बार पढ़ने से समझ आ जाता है। सुबह का 1 घंटा भी बहुत बड़ा होता है। सुबह पढ़ाई करने से दिन पाज़िटिव हो जाता है और कान्फिडन्स भी बढ़ता है।
डीप ब्रीधिंग & मेडिटेशन

सुबह या दिन के किसे भी समय अगर थोड़ा सा डीप ब्रीदिंग और मेडिटेशन किया जाए तो पढ़ाई में बहुत मदद मिलती है। जब हम गहरी सांस लेते है और धीरे-धीरे छोड़ते है तो दिमाग फ्रेश हो जाता है और फोकस ऑटोमैटिक्ली बन जाता है। मेडिटेशन से टेंशन और स्ट्रेस कम होता है। और ऐसे एनर्जी बनी रहती है लंबी पढ़ाई के दौरान थकान कम लगती है। बस रोज 5-10 मिनट मेडिटेशन करो पढ़ाई अपने आप आसान लगने लगेगी।
