हे गाइज़। क्या आप सब जानते है? की आपकी एड़ियाँ किस कारण से फट जाती है। क्या आपने इस बारे में कभी सोचा है। आयिए हम बताते है। एड़ियाँ फट जाने के बहुत से कारण है। जैसे कि – कम पानी पीने से पैर की स्किन ड्राई होने लगती है, जिससे क्रैक्स बनते हैं। बार-बार पानी में पैर रहने से, विटामिन–E, ओमेगा-3, आयरन की कमी त्वचा रूखी और कमजोर हो जाती है जिससे एड़ियाँ फटने लगती है। इतना ही नही एड़ियों पर दबाव बढ़ने से त्वचा फैलती और फटने लगती है। हार्ड सोल, स्लिपर, बैक-ओपन चप्पल या टाइट जूते रगड़ और ड्राइनेस बढ़ाते हैं। इसीलिए इन सब चीजों का अपनी डेली रूटीन में हमेशा ध्यान रखे। लेकिन अब बात आती है की इन्हें हम ठीक कैसे कर सकते है। फटी एड़ियों को ठीक करना इतना मुश्किल नही है बस आपको थोड़ी एक्स्ट्रा केयर करने की ज़रूरत है।
साथ ही कुछ घरेलू नुस्ख़े अपनाने की। तो हम आपको कुछ स्पेशल टिप्स बताने वाले है, जिससे की आप अपनी एड़ियों को सुरक्षित रख सकती है। आप सब तो जानते है कि ठंडी का मौसम शुरू हो चुका है ठंडी के मौसम में प्रॉब्लम सिर्फ़ एड़ियों तक ही सीमित नही है बल्कि स्किन से रिलेटेड भी है। क्योंकि ठंडी में स्किन बहुत ज़्यादा ड्राई और रफ़ रहने लगती है। स्किन ड्राई होने के कारण इचिंग, खुजली, इरिटेशन का सामना करना पड़ता है। इतना ही नही ठंडी के मौसम में एड़िया भी बहुत ज़्यादा फटने लगती है। एड़ियों के बीच में दरार सी आ जाती है जिससे कि पैर देखने में बहुत बुरे दिखायी देते है। लेकिन अगर आप चाहे तो आप अपनी एड़ियों को फटने से रोक सकती है। आयिए जानते है कैसे? आप भी जानना चाहती है तो आर्टिकल को आख़िरी तक ज़रूर पढ़े।
फटी एड़ियों को दें सॉफ्ट ग्लो – इन घरेलू नुस्खों से पाएं बेबी-सॉफ्ट हील्स!
गुनगुने पानी में नमक मिलाकर पैर भिगोएँ

अगर आप भी एड़ियों की समस्या से परेशान है तो आप ये नुस्ख़ा ट्राई कर सकती है। रात के समय गुनगुने पानी में नमक डालकर कुछ समय के लिए पैरो को उस पानी में डाल ले। यह स्किन की रुखावट को कम करता है और एड़ियों की डेड स्किन को नरम कर देता है, जिससे क्रैक बनने का खतरा कम हो जाता है। इससे आपके पैर की एड़ियाँ सॉफ़्ट और मुलायम हो जाएगी साथ ही आपके पैरो की थकान भी ख़त्म हो जाएगी। इस ट्रिक को करने के बाद आप अच्छा और आरामदायक महसूस करेगी। यह पैरों को गहराई से साफ करता है, बदबू दूर करता है और स्किन को बैक्टीरिया से बचाकर हील्स को हेल्दी और स्मूथ बनाए रखता है। सिर्फ 10–15 मिनट का यह फुट-सॉक पैरों को तुरंत रिलैक्स और ताज़ा महसूस कराता है।
नारियल तेल या घी की मसाज

अगर आपके पैरो की एड़ियों में बहुत ज़्यादा क्रैक नज़र आते है या फिर आप ज़्यादा रूखापन महसूस करती है तो आपके लिए ये घरेलू नुस्ख़ा बिकल बेस्ट ऑप्शन है। नारियल तेल या फिर घी की मसाज़ पैरो के रूखेपन को दूर कर सॉफ़्ट और मुलायम करता है जिससे कि आप बहुत अच्छा फ़ील करती है। नारियल तेल और घी की मसाज़ एड़ियों की गहराई तक जाकर नमी को लॉक कर देती है जिससे एड़ियों में ड्रायनस पहले से बेहद कम हो जाती है। और एड़ियाँ फटती भी नही है। घी में मौजूद नैचुरल फैट्स स्किन को रिपेयर करते हैं, जबकि नारियल तेल में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो एड़ियों में होने वाले छोटे-छोटे क्रैक्स को ठीक करते हैं नियमित मसाज से पैरों का रक्तसंचार बेहतर होता है, जिससे दर्द व थकान कम होती है और पैर हल्के व रिलैक्स महसूस होते हैं। रात में मसाज करके मोज़े पहनने से हील्स सुबह तक बेहद सॉफ्ट दिखती हैं।
वैसलीन + नींबू का मिश्रण

वैसलीन और नींबू का मिश्रण एड़ियों की देखभाल के लिए सरल और बेहद असरदार नुस्ख़ा है। एड़ियों पर वैसलीन और नींबू का मिश्रण का इस्तेमाल करने से एड़ियाँ पहले से नरम और मुलायम हो जाती है, क्योंकि वैसलीन स्किन में नमी को बंद करके रखता है, जिससे एड़ियाँ ड्राई होकर फटती नहीं हैं, जबकि नींबू की हल्की एसिडिक प्रकृति डेड स्किन को नरम करती है और पैरों की रफनेस दूर करती है। दोनो का मिश्रण इस्तेमाल करने से पैरो पर एक प्रोटेक्टिव लेयर बनती है जो स्किन को लंबे समय तक मुलायम और स्मूथ रखती है। वैसलीन और नींबू का मिश्रण इस्तेमाल करने से पैरो की डेड स्किन और कालेपन को दूर करने में भी मदद करता है, जिससे पैर साफ़ – सुथरे नज़र आते है। रात में इस मिश्रण को लगाकर मोज़े पहनने से सुबह एड़ियाँ नोटिसब्ली सॉफ्ट महसूस होती हैं। इसीलिए इस विंटर इस मिश्रण को एक बार ज़रूर ट्राई करे जिससे की आपकी भी मुसीबत ख़त्म हो सके।
ग्लिसरीन + गुलाबजल

ग्लिसरीन और गुलाबजल का मिश्रण एड़ियों को हाइड्रेटेड, कोमल और ग्लोइंग रखने का सबसे भरोसेमंद घरेलू उपाय माना जाता है। ग्लिसरीन एक नैचरल ह्यूमेक्टेंट है जो पैरो को नमी देकर पैरो की त्वचा को फटने से बचाता है। वही दूसरी तरफ़ गुलाबजल स्किन को ठंडक देकर सूजन व जलन कम करता है और पैरों को ताज़गी का एहसास देता है। ये मिश्रण पैरो के रूखेपन को दूर कर पैरो को सॉफ़्ट और मुलायम बनाता है, और साथ ही पैरो की डार्कनेस को भी ख़त्म करने का काम करता है। जिससे की पैरो की स्किन स्मूथ और हेल्थी लगती है। नियमित उपयोग करने से एड़ियों में चमक आती है और वे कभी कड़ी या रुखी नहीं होतीं।इसीलिए इस विंटर इस मिश्रण को एक बार ज़रूर ट्राई करे जिससे की आप भी अपने पैरो की स्किन को सॉफ़्ट और नरम रख सके।
एलोवेरा जेल

एलोवेरा जेल फटी एड़ियों के लिए एक प्राकृतिक हीलिंग मॉइस्चराइज़र की तरह काम करता है। एलोवेरा जेल में हाइड्रेटिंग गुण होते हैं, जो फटी एड़ियों को नरम और मुलायम बनाते है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और हीलिंग एजेंट चोटिल या फटी त्वचा को जल्दी भरने में मदद करते हैं। अगर आपकी एड़ी ज़्यादा फटने के कारण ज़ख़्म बना हुआ है तो आप ज़ख़्म को जल्दी ठीक करने के लिए एलोवेरा जेल का इस्तेमाल कर सकते है। इतना ही नही अगर आपकी एड़ियों में कट या जलन है, तो एलोवेरा जेल लगाने से ठंडक मिलती है जिससे कि दर्द में भी राहत मिलती है। एलोवेरा जेल प्राकृतिक रूप से त्वचा को सॉफ़्ट और मुलायम बनाता है। जिससे डेड स्किन आसानी से निकलती है। एलोवेरा में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो एड़ियों की फटी लाइनों में होने वाली बैक्टीरियल ग्रोथ को रोकते हैं। नियमित यूज़ से पैरों की त्वचा का टेक्सचर सुधरता है और नैचुरल ग्लो भी आता है।
हल्का स्क्रबिंग (हफ़्ते में 2 बार)

पैरो की सुंदरता को बनाए रखने के लिए हफ़्ते में 2, 3 बार स्क्रबिंग करना बहुत ज़रूरी है। अगर आप पैरो के साथ – साथ अपनी एड़ियों को भी मुलायम और सुंदर रखना चाहते है तो एड़ियों की भी हल्की स्क्रबिंग करे जिससे की आपके पैरो की चमक बनी रहे। हल्की स्क्रबिंग फटी, सूखी और जमी हुई डेड स्किन लेयर को हटाकर एड़ियों को साफ और फ्रेश बनाती है। स्क्रबिंग करने से एड़ियों का कठोरपन धीरे-धीरे कम होता है, जिससे त्वचा स्मूद और नरम रहती है। डेड स्किन हटने से फ़्रेश हेल्दी और साफ त्वचा ऊपर आती है, जिससे की पैरो को साफ़ और फ़्रेश ग्लो मिलता है। नियमित स्क्रबिंग नई दरारें या क्रैक बनने से रोकती है, क्योंकि त्वचा सॉफ्ट और साफ रहती है। स्क्रब के बाद लगाया हुआ एलोवेरा जेल, घी, वैसलीन या फुट क्रीम त्वचा में जल्दी और गहराई तक ऐब्ज़ॉर्ब होता है जिससे पैरो की स्किन और ज़्यादा सॉफ़्ट और मुलायम बनी रहती है।
रोज़ाना मॉइश्चराइज़र लगाएँ

एड़ियों पर रोज़ाना मॉइश्चराइज़र लगाने से स्किन सॉफ़्ट और मुलायम बनती है। डेली रूटीन में मॉइश्चराइज़िंग करने से एड़ियों की त्वचा को सूखने नही देता जिससे एड़ियों में क्रैक बन्ने कि संभावना कम हो जाती है। रोज़ाना मॉइश्चराइज़र लगाने से एड़ियों का खुरदरापन भी काफ़ी हद तक कम होकर स्किन सॉफ़्ट और नरम बनती है। सर्दी, धूल या नियमित पानी में रहने से होने वाली सूखापन को मॉइश्चराइज़र तुरंत खत्म करता है। मॉइश्चराइज़र एड़ियों को नमी देता है जिसके कारण एड़ियों पर डलनेस नहीं रहती और उनमें साफ, और हेल्दी ग्लो बना रहता है। अगर एड़ियाँ पहले से फटी हुई हैं, तो रोज़ मॉइश्चराइज़ करने से त्वचा जल्दी रिपेयर होती है। नियमित रूप से मॉइश्चराइज़र का इस्तेमाल करने से हार्ड, मोटी और रफ स्किन बनने की समस्या काफी हद तक कम हो जाती है। मॉइश्चराइज़र एड़ियों की प्राकृतिक रंगत, स्मूदनेस और चमक बनाए रखता है, जिससे पैरों की ओवरऑल लुक भी अच्छी दिखती है।
पर्याप्त पानी पिएँ

स्किन को मॉइश्चराइज़ रखने के लिए सबसे ज़्यादा ज़रूरी है की आप अच्छी ख़ासी मात्रा में पानी पिए। आपको रोज़ाना कम से कम 2 से ढाई लीटर पानी पीना बहुत ज़रूरी है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो एड़ियाँ सबसे पहले सूखकर फटने लगती हैं। पर्याप्त पानी पीने से त्वचा अंदर से हाइड्रेट रहती है, जिससे क्रैक बनने का खतरा कम हो जाता है। हाइड्रेशन बढ़ने से एड़ियों की स्किन नैचरली सॉफ्ट और स्मूद बनी रहती है। बॉडी में पानी की मात्रा सही होने से त्वचा में नमी और लचीलापन बना रहता है जिससे एड़ियाँ डल न होकर साफ और हेल्दी दिखती हैं। तब त्वचा सूखी हुई नही होती तो एड़ियों पर मोटी, रफ और डेड स्किन की लेयर कम बनती है। अगर एड़ियाँ पहले से फटी हुई हैं, तो पर्याप्त पानी पीने से त्वचा तेजी से रिपेयर और हील होती है। हाइड्रेशन शरीर की सफाई करता है, जिससे त्वचा साफ रहती है और एड़ियों का टेक्सचर भी बेहतर होता है। इसीलए रोज़ाना जितना हो सके ज़्यादा से ज़्यादा पानी पिए ताकि बॉडी हमेशा हायड्रेटड रहे।
सरसों के तेल में मोम (वैक्स) गर्म करके लगाए

सरसों के तेल में मोम (वैक्स) गर्म करके लगाना बहुत पुराना और बेहद असरदार नुस्ख़ा है। ये नुस्ख़ा दादी – पर्र दादी के जमाने से चलता हुआ आ रहा है। ये मिश्रण फटी हुई एड़ियों को जल्दी ठीक करने के लिए रामबाण इलाज माना जाता है।क्योंकि सरसों का तेल गर्म प्रकृति का होता है और मोम त्वचा पर मोटी, प्रोटेक्टिव लेयर बनाता है। दोनों मिलकर एड़ियों को लंबे समय तक मॉइस्चराइज रखते हैं। इस मिश्रण की ख़ासियत यह है की ये एड़ियों में आयी हुई गहरी दरारों को जल्द से जल्द भरने का काम करती है। मोम दरारों को सील करता है और तेल अंदर तक जाकर स्किन को रिपेयर करता है। जिनकी एड़ियाँ मोटी, सख्त और रफ होती हैं, उनके लिए यह मिश्रण बहुत असरदार है। यह धीरे-धीरे कठोर स्किन को मुलायम बनाता है। सरसों के तेल में प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं, जो एड़ियों के कटे हिस्सों में होने वाले इंफेक्शन से बचाते हैं। रोज़ाना नियमित लगाने से एड़ियों का खुरदरापन कम होता है, पपड़ी नहीं बनती और रंगत भी साफ दिखने लगती है।
चावल के आटे का स्क्रब

चावल के आटे का स्क्रब फटी हुई एड़ियों के लिए बेहद असरदार घरेलू नुस्ख़ा माना जाता है। चावल का आटा हल्का एक्सफोलिएटर है, जो एड़ियों पर जमी रफ, मोटी और सूखी त्वचा को बिना नुकसान पहुँचाए साफ करता है। एड़ियों पर जो गंदगी जमा हुई होती है वो ये स्क्रब करने से काफ़ी हद तक साफ़ हो जाती है। स्क्रब करने से सख्त और रूखी एड़ियाँ धीरे-धीरे स्मूद होने लगती हैं, जिससे क्रैक बनना कम हो जाता है। जब हफ़्ते दो हफ़्ते में डेड स्किन हटती रहती है, तो एड़ियों में मोटी परत जमा नहीं होती जिसके कारण एड़ियों का फटना काफ़ी हद तक रुक जाता है। स्क्रबिंग के बाद एड़ियों की त्वचा अच्छे से साफ़ हो जाती है जिसके बाद लगाया हुआ तेल, लोशन स्किन के अंदर और ज़्यादा जल्दी अब्ज़ॉर्ब होता है। चावल का आटा स्किन को डिटॉक्स करता है और एड़ियों पर जमी धूल या हल्की टैनिंग को हटाता है। स्क्रब मसाज से पैरों में ब्लड फ्लो बढ़ता है, जिससे हीलिंग तेज होती है और क्रैकिंग कम होती है। इसीलिए इस नुस्ख़े को एक बार ज़रूर ट्राई करे जिससे आप भी इस समस्या से छुटकारा पा सके।
